जेमिमा पडल-डक एक व्यस्त खेत पर रहती थी। वह एक कोमल बत्तख थी जो अपने खुद के अंडे सेने की बहुत इच्छा रखती थी। लेकिन किसान की पत्नी हमेशा उन्हें रसोई के लिए ले जाती थी। "क्वाक, क्वाक! मैं एक माँ बनना चाहती हूँ," जेमिमा ने आह भरी।
एक वसंत की सुबह, जेमिमा ने एक योजना बनाई। "मैं खेत से दूर एक गुप्त घोंसला ढूंढूंगी," उसने कहा, और वह गेट से बाहर और हरे जंगल में चली गई।
पेड़ों के बीच गहरे में, जेमिमा एक बहुत ही विनम्र सज्जन से मिली, जिसकी रेतीली मूंछें और एक स्मार्ट कोट था। उसकी झाड़ीदार पूंछ उसके पीछे करीने से छिपी हुई थी। "शुभ दिन, मैडम," उसने झुककर कहा। "आप एक घोंसले की जगह की तलाश कर रही हैं? मेरे पास एक शांत छोटा सा शेड है जो आपको पूरी तरह से सूट करेगा।"
जेमिमा बहुत खुश थी। सज्जन उसे डंडों और नरम पत्तियों से भरे एक साफ शेड में ले गया। यह सुरक्षित और शांत लग रहा था। "आपका बहुत-बहुत धन्यवाद," जेमिमा ने कहा, और उसने ध्यान से गिनते हुए, एक-एक करके अपने अंडे देना शुरू कर दिया। जल्द ही एक साफ घोंसले में नौ अंडे थे।
रेतीली मूंछों वाला सज्जन मुस्कुराया। "कितना बढ़िया घोंसला है! शायद हमें जश्न मनाने के लिए एक छोटा सा रात्रिभोज करना चाहिए। क्या आप कुछ चीजें लाने का कष्ट करेंगी? थोड़ा सा सेज और थाइम, अजमोद की एक टहनी, और दो प्याज। और कृपया बांधने के लिए थोड़ी रस्सी लाएं — उम — बंडलों के लिए।"
जेमिमा को खाना पकाने के बारे में ज्यादा समझ नहीं थी, लेकिन वह खुश करने के लिए उत्सुक थी। "जी, श्रीमान," उसने कहा, और वह बगीचे से जड़ी-बूटियाँ इकट्ठा करने के लिए खेत की ओर चल पड़ी।
खेत के गेट पर केप, बुद्धिमान पुराना कोली कुत्ता खड़ा था। उसने हवा को सूंघा और त्योरियां चढ़ाईं। "तुम कहाँ थीं, जेमिमा?" उसने धीरे से पूछा।
"मैंने जंगल में एक प्यारा घोंसला बनाया है," जेमिमा ने फुसफुसाया। "एक दयालु सज्जन ने मुझे अपना शेड उधार दिया है। मैं उसके रात्रिभोज के लिए सेज और थाइम, और अजमोद, और दो प्याज ला रही हूँ।"
केप के कान खड़े हो गए। "इस सज्जन का वर्णन करो," उसने कहा।
"उसकी रेतीली मूंछें हैं," जेमिमा ने कहा। "वह बहुत विनम्र है।"
केप की आँखें गंभीर हो गईं। "वह कोई सज्जन नहीं है," उसने कहा। "वह एक लोमड़ी है। वे जड़ी-बूटियाँ आमलेट के लिए नहीं हैं — वे भुनी हुई बत्तख के लिए हैं। तुम्हें वहां वापस नहीं जाना चाहिए।"
बेचारी जेमिमा कांपने लगी। "ओह, मेरे अंडे!" वह चिल्लाई। "हम क्या करेंगे?"
"सब कुछ मुझ पर छोड़ दो," केप ने कहा। वह केनेल की ओर भागा और दो उत्सुक फॉक्सहाउंड पिल्लों को बुलाया। "चलो चलें। काम करना है।"
केप पिल्लों को जंगल के माध्यम से छोटे शेड तक ले गया। अंदर, रेतीली मूंछों वाला सज्जन चाकू तेज कर रहा था और प्लेटें लगा रहा था। जब उसने पंजों की आहट सुनी, तो वह उछला और दरवाजे की ओर लपका।
पिल्ले अंदर घुस आए। एक धमाका और हाथापाई हुई, पंजों की खड़खड़ाहट, और पंखों की फड़फड़ाहट। लोमड़ी लाल लकीर की तरह बाहर निकली और झाड़ियों में दौड़ गई, पिल्ले पीछे जोर से भौंकते हुए। उसे बहुत, बहुत दूर खदेड़ दिया गया और वह फिर कभी खेत के पास नहीं आया।
जेमिमा शेड की ओर भागी। "मेरे अंडे!" उसने क्वाक किया। हंगामा में, हर एक अंडा टूट गया था। जेमिमा सुरक्षित थी, लेकिन उसका घोंसला चला गया था। वह थोड़ा रोई, और केप ने उसे अपने कंधे पर सिर रखने दिया। "टूटे हुए बत्तख से बेहतर हैं टूटे हुए अंडे," उसने कहा।
उस साहसिक कार्य के बाद, किसान की पत्नी समझ गई कि जेमिमा माँ बनने की कितनी इच्छा रखती थी। उसने जेमिमा को यार्ड के एक शांत कोने में एक आरामदायक छोटा कूप दिया, जो लोमड़ियों और मुसीबत से सुरक्षित था। केप ने चमकदार, सावधान आँखों से पहरा दिया।
समय के साथ, जेमिमा ने नए अंडे दिए और बहुत स्थिर होकर बैठी। अंत में, एक खुशहाल सुबह, चार नरम बत्तख के बच्चे उसके पंखों के नीचे से झांके। "क्वाक, क्वाक!" जेमिमा ने गर्व और खुशी से चिल्लाया।
तब से, जेमिमा अपने बत्तख के बच्चों को तालाब में ले गई और उन्हें धूप में तैरना सिखाया। और जब भी उसने रेतीली मूंछों वाले किसी अजनबी को देखा, तो उसे केप के समझदारी भरे शब्द याद आए और उसने अपने छोटे बच्चों को अपनी कतार में पास रखा।
समाप्त















